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ईसा मसीह को सूली पर कब और किसने चढ़ाया

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यह उस समय का बात है जब इजराइल मै  रोम का शासक चल रहा था.और जब येशु सुसमाचार का प्रचार कर रहे थे तब साथ ही मै वह बहुत सारे चमत्कार कर रहे थे तो वहां के कुछ धरम गुरु  और  Judas Iscariot जो केवल 30 चांदी के सिक्कों के लिए यीशु  को पाकड़वाया.
उस समय pentus pilate वहां के साम्राज्य को संभाल रहे थे.वहां के धरम गुरु ने यीशु को कड़ी से कड़ी शजा देने के मांग कर रहे थे लेकिन pentus ने कहा ऐसा इसने कुछ भी गुनाह नहीं किया जो मै इसके सजा दी.लेकिन लोगो और धर्म गुरु की भड़ास इतनी थी कि pentus को मजबूरी में ईशा मशिह को सूली पर चढ़ने के लिए आदेश दे दिया.

और उसके बाद यीशु को कांटे की मुकुट पहनकर और क्रॉस को ढोला कर जेरुसलेम से बाहर  gologotha नमक जगह पर ले जाया गया  और वह पर उस  क्रॉस पर लटका कर मार दिया गया और जिस समय वह मर गया उस समय पूरे जगह पर अंधेरा छा गया और इस दिन ईसाई लोग good Friday ke naam SE jante hai.yeh din शुक्रवार था .और उसके बाद उसके जब सैनिक ने देखा कि उसका शरीर से जन निकाल चुका है तब सैनिकों ने उसका देड बॉडी को उनके लोगो के हाथो में सौंप दिया.उसके बाद लोगो ने उनके मृत सरिर को लेकर एक धनी व्यक्ति के कब्र में  रख दिया और कब्र को। बड़े पत्थर से  बंद कर दिया और कब्र में दो सैनिक भी स्थित हो गए.और ठीक तीन दिन बाद जैसे कि भविष्यवाणी की गई थी वैसे ही हुआ और कब्र से पत्थर अलग हो गया और और वहां से यीशु मशी का बॉडी गायब हो गया
और इस चीज को बहुत लोगो ने जाकर confirm Kiya AUR Kuch Samay me यीशु मसीह अपने पूरे बॉडी के साथ अपने चेले समेत और कई लोगो को  दर्शन दिए. यीशु माशी के चेले Thomas ko jab jab use दिखे तब Thomas usko doubt Kar rahe the lekin Woh unke sarir ko touch Karke Sara doubt Chala gya.aur यीशु मसीह के मृतक से जीवित होने से मसीह लोग ईस्टर का फेस्टिवल मानते है।और इससे पस्का पर्व के नाम से भी जाना जाता है.


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